रोग नाश करने का सरल तरीका
[05/08, 1:09 pm] Pawan Das: विज्ञान की क्षमता सीमित है, आध्यात्मिकता की असीमित है
एक ओर जहां विज्ञान की सीमा समाप्त होती है और मानव असहाय महसूस करता है, वहीं आध्यात्मिकता में असीमित शक्ति है और हर समस्या का समाधान है । हमें सिर्फ इतना जानना जरूरी है कि हमने मनुष्य जीवन में जन्म लिया है तो हमारा क्या उद्देश्य है । इस जन्म में प्राप्त होने वाले सुख दुख पिछले जन्मों के प्रारब्ध के कारण से होते हैं।
[05/08, 1:11 pm] Pawan Das: वर्तमान में जगतगुरु रामपाल जी महाराज जी ही एकमात्र पूर्ण तत्वदर्शी संत हैं जो सभी शास्त्रों से प्रमाणित ज्ञान देकर सत भक्ति साधना बताते हैं । आज लाखों लोग तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के तत्वज्ञान को सुनकर, समझ कर उनके बताए अनुसार शास्त्र अनुकूल भक्ति साधना कर समस्त प्रकार के दुखों से छुटकारा पा रहे हैं तथा सुखमय जीवन जी रहे हैं।
आइए जानते हैं कुछ भक्तों के अनुभव :-
नाम – श्रीमती रूपाली पाटिल , निवासी पूना , महाराष्ट्र
रोग :- सरवाईकल कैंसर
इलाज :- पूना में
डाक्टरों की राय :- सरवाईकल कैंसर और टीबी और 2 अन्य बीमारियों का परीक्षण
संत रामपाल जी महाराज से सत भक्ति :- हम देवी देवताओं की भक्ति कर रहे थे । मेरे पति ने संत रामपाल जी महाराज से नाम दान लिया । उनके नियम मर्यादाएं पढ़कर मुझे अच्छा लगा । खासतौर पर मधपान निषेध वाले नियम ने मुझे बहुत प्रभावित किया । मेरे पति ने शराब पीना छोड़ दिया । मैंने भी सन 2004 में संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा ले ली । मुझे एक बार मेडिकल परीक्षण से पता चला कि मुझे सरवाईकल कैंसर और टीबी है । मैंने अंतरात्मा से गुरु जी से प्रार्थना लगाई कि मुझे जीवन दान दे दो । गुरुजी का संदेश आया कि आपको कुछ नहीं होगा । शाम को रिपोर्ट आई उसमे सिर्फ वाइरल बुखार निकला । चूंकि मेरे परिवार में कई लोगों को कैंसर हुआ था, मुझे आनुवांशिक कैंसर होने की प्रबल संभावना थी । दूसरा मेरी जन्म कुंडली में भी था कि 40 वर्ष की आयु में मुझे खतरनाक बीमारी होगी और मेरी आयु छोटी होगी । लेकिन संत रामपाल जी महाराज की शरण में आने के कारण सब कुछ छोटे में निपट गया ।
सत भक्ति का परिणाम :- जो डॉक्टर पहले कैंसर होने की पक्की बात कर रहे थे, वही डॉक्टर सिर्फ वाइरल बुखार ही बता रहे हैं, यह संत रामपाल जी की भक्ति का कमाल।
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