MagharLeela_Of_Godkabir

आज मोहे दर्शन दियो जी कबीर।।टेक।।
सत्य लोक से चल कर आए, काटन यम की जंजीर ।।1।।
थारे दर्शन से म्हारे पाप कटत हैं, निर्मल होवै जी शरीर ।।2।।
अमृत भोजन म्हारे सतगुरू जीमैं, शब्द दूध की खीर।।3।।
हिन्दू के तुम देव कहाये, मुसलमान के पीर।।4।।
दोनां दीन का झगड़ा छिड़ गया, टोहे ना पाये शरीर।।5।।
धर्मदास की अर्ज गुसाई, खेवा लंघाइयों परले ती

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