संत्संग
राम राम करता सब जग फिरे । राम न पाया जाये ।। रामन लोग खिलौना माना । राम का मरम कबीर मन जाना ।। एक बार कबीर साहब किसी के घर कथा करने गये कबीर साहब ने कथा के दौरान बताया कि राम राम जपने वाला संसारिक बंधनो से आजाद हो जाता है इस बाणी को सतसंग मे बैठे लोगो ने सुना या नही सुना मगर उस घर मे एक तोता पिजडे मे बैठे ध्यान से सुन रहा था कबीर साहब के चले जाने के बाद तोता राम राम रटता रहा कि सायद मै इस छोटे से पिजडे से आजाद हो जाऊ पिजडा तो संसार से बहुत छोटा है लेकिन तोता आजाद नही हुआ उसी घर मे कथा करने के लिये कबीर साहब कुछ दिनो बाद पुनः आये तो तोते ने कबीर साहब को बोला बाबा जी आप लोगो को मूर्ख बनाना बंद करे मैने उस दिन से लगातार राम नाम जोर जोर से रटा परन्तु मै आजाद नही हुआ तोते की बात को सुनकर बाबा जी ने कहा तोते जैसे मैने कहा था वैसे तुमने नही जपा सुन कैसे जपना है लाख नाम संसार के ताते मुक्ति न होय आदि नाम जो "गुप्त" जप बूझै बिरला कोय... --संत सहजो बाई किसी भी कार्य को अगर युक्ति पूर्बक किया जाये तभी अंजाम मिलता है कबीर साहब ने कहा सुन तोते आज से अंतरध्यान होकर राम नाम का जप करना अगर फ...
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