देश दुनिया पर आई विपदा के समय तन मन धन से सेवा में जुटे हैं संत रामपाल जी महाराज जी जगह-जगह राशन वितरण के साथ जब उन्हें पता लगा के होस्पिटलो में इस समय ब्लड बैंक में स्टोक खत्म हो रहा हैं तो पहुंच गये ब्लड डोनेट करने और यह कहावत सिद्ध की
राम राम करता सब जग फिरे । राम न पाया जाये ।। रामन लोग खिलौना माना । राम का मरम कबीर मन जाना ।। एक बार कबीर साहब किसी के घर कथा करने गये कबीर साहब ने कथा के दौरान बताया कि राम राम जपने वाला संसारिक बंधनो से आजाद हो जाता है इस बाणी को सतसंग मे बैठे लोगो ने सुना या नही सुना मगर उस घर मे एक तोता पिजडे मे बैठे ध्यान से सुन रहा था कबीर साहब के चले जाने के बाद तोता राम राम रटता रहा कि सायद मै इस छोटे से पिजडे से आजाद हो जाऊ पिजडा तो संसार से बहुत छोटा है लेकिन तोता आजाद नही हुआ उसी घर मे कथा करने के लिये कबीर साहब कुछ दिनो बाद पुनः आये तो तोते ने कबीर साहब को बोला बाबा जी आप लोगो को मूर्ख बनाना बंद करे मैने उस दिन से लगातार राम नाम जोर जोर से रटा परन्तु मै आजाद नही हुआ तोते की बात को सुनकर बाबा जी ने कहा तोते जैसे मैने कहा था वैसे तुमने नही जपा सुन कैसे जपना है लाख नाम संसार के ताते मुक्ति न होय आदि नाम जो "गुप्त" जप बूझै बिरला कोय... --संत सहजो बाई किसी भी कार्य को अगर युक्ति पूर्बक किया जाये तभी अंजाम मिलता है कबीर साहब ने कहा सुन तोते आज से अंतरध्यान होकर राम नाम का जप करना अगर फ...
सच्चा भगवान कौन May 13, 2020 संसार के साधक वेद शास्त्रों को पढ़ते भी हैं परंतु समझ नहीं पाते। व्यर्थ में झगड़ा करते हैं। जबकि पवित्र वेद व गीता व पुराण भी यही कहते हैं कि अविनाशी परमात्मा कोई और ही है। प्रमाण के लिए गीता जी के श्लोक 15.16-15.17 में पूर्ण वर्णन किया गया है। जो इन तीन देवों (ब्रह्मा, विष्णु, शिव) की भक्ति करते हैं उनकी मुक्ति कभी नहीं हो सकती। हे नादान प्राणियों! इनकी उपासना में मत भटको। पूर्ण परमात्मा की साधना करो। धर्मदास से साहेब कबीर कह रहे हैं कि यह सब जीवों को बताओ, उनका भ्रम मिटाओ तथा सतपुरुष की पूजा व महिमा का ज्ञान
[6/24, 4:10 PM] Pawan Das: जगत गुरु रामपाल जी (En) » जीने की राह » 26. नशा करता है नाश | जीने की राह 26. नशा करता है नाश | जीने की राह नशा चाहे शराब, सुल्फा, अफीम, हिरोईन आदि-आदि किसी का भी करते हो, यह आपका सर्वनाश का कारण बनेगा। नशा सर्वप्रथम तो इंसान को शैतान बनाता है। फिर शरीर का नाश करता है। शरीर के चार महत्वपूर्ण अंग हैं:- 1. फेफड़े, 2. जिगर (लीवर), 3. गुर्दे (ज्ञपकदमल), 4. हृदय। शराब सर्वप्रथम इन चारों अंगों को खराब करती है। सुल्फा (चरस) दिमाग को पूरी तरह नष्ट कर देता है। हिरोईन शराब से भी अधिक शरीर को खोखला करती है। अफीम से शरीर कमजोर हो जाता है। अपनी कार्यशैली छोड़ देता है। अफीम से ही चार्ज होकर चलने लगता है। रक्त दूषित हो जाता है। इसलिए इनको तो गाँव-नगर में भी नहीं रखे, घर की बात क्या। सेवन करना तो सोचना भी नहीं चाहिए। [6/24, 4:13 PM] Pawan Das: सत्संग में बताया गया कि मानव जन्म प्राप्त करके जो व्यक्ति शुभ कर्म नहीं करता तो उसका भविष्य नरक बन जाता है। जो नशा करता है, उसका वर्तमान तथा भविष्य दोनों नरक ही होते हैं। नशा इंसानों के लिए नहीं है। यह तो इंसान से राक्षस बनाता है। जो व्य...
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